Sunday, December 5, 2010

कौन कहता है यहाँ दर्द रहता है आजकल जाने जान..

तन्हाई को इश्क ने मेरा हमदर्द बना बिठा रखा हैं जवां...

1 comment:

  1. तन्हाई को इश्क ने मेरा हमदर्द बना बिठा रखा हैं जवां...
    बहुत खूब मृणालिनी जी ...

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